मैथ (गणित) टेस्ट्स AI मॉडल्स जैसे ChatGPT और Claude की क्षमता जांचने का बेसिक तरीका रहे हैं। OpenAI का कहना है कि उसके मॉडल्स अब इतने अच्छे रिजल्ट दे रहे हैं कि पुराने मैथ टेस्ट्स अब ज्यादा काम के नहीं रहे। इसलिए रिसर्चर्स ने और ज्यादा मुश्किल चुनौती देने की कोशिश की।
उन्होंने एक अभी-अनरिलीज्ड (रिलीज़ नहीं हुए) मॉडल को करीब 4,000 अनसुलझी गणित संबंधित समस्याएं दीं। नतीजे चौंकाने वाले और थोड़े चिंताजनक रहे।
इस AI ने 722 मैन्युस्क्रिप्ट्स बनाए, जिन्हें 372 फैमिली में ग्रुप किया गया। OpenAI का कहना है कि हर रिजल्ट में औसतन तीन घंटे का रिज़निंग कंप्यूट इस्तेमाल हुआ।
“गणितीय समुदाय के लिए काफी रोमांचक दिन आने वाले हैं!” कहा Stefano Gogioso ने, जो BeInCrypto की Future Tech and AI Experts Council के सदस्य हैं।
क्या AI बहुत तेज़ी से बहुत पॉवरफुल बन रहा है?
यही असल में बड़ी स्टोरी है। फ्रंटियर AI अब सिर्फ पुराने सवालों के जवाब देने से आगे बढ़कर अनजान समस्याओं के संभावित जवाब भी जनरेट करने लगा है।
इससे किसी भी रिसर्चर, इंजीनियर या एनालिस्ट की इंटेलेक्चुअल वर्क की क्षमता काफी बढ़ सकती है।
लेकिन आउटपुट हमेशा सही नहीं होता। OpenAI के कई पेपर्स के पास कंप्यूटर वेरिफिएबल Lean प्रूफ्स हैं, लेकिन सबके पास नहीं। OpenAI ने भी चेताया है कि कुछ अनवेरिफाइड रिजल्ट्स में “समस्याएं” हो सकती हैं।
यही नई समस्या पैदा हुई है: इंसान नए AI के मुकाबले उतनी तेज़ी से रिसर्च नहीं चेक कर सकता जितनी तेज़ी से AI उत्पादन कर सकता है।
क्या अब AI प्रेडिक्टिव एनालिसिस करके इन्वेस्टमेंट डिसिशन भी ले सकता है?
संभव है, लेकिन फाइनेंस थोड़े अलग तरीके से मुश्किल है।
गणितीय प्रूफ को एक टाइम के बाद सही या गलत साबित किया जा सकता है। लेकिन मार्केट्स में बहुत शोर (volatility) होती है और वह लगातार बदलते रहते हैं।
लेटेस्ट फाइनेंस बेंचमार्क्स में भी फ्रंटियर AI को जटिल इन्वेस्टमेंट रिसर्च में अभी भी मुश्किलें आ रही हैं, वहीं मार्केट टाइमिंग पर स्टडीज ने बहुत सीमित प्रेडिक्टिव ऐडवांटेज दिखाया है।
अभी के लिए सबसे बड़ा मौका गहराई से एनालिसिस करने में है, परफेक्ट भविष्यवाणी में नहीं।
अगर कोई AI घंटों तक लगातार तर्क कर सकता है तो वह एक साथ फाइलिंग्स, earnings कॉल्स, मैक्रो डेटा और कई सीनारियो चेक कर सकता है, और एक एनालिस्ट से कहीं ज्यादा हाइपोथीसिस टेस्ट कर सकता है।
शायद यही OpenAI के एक्सपेरिमेंट से सबसे बड़ा संकेत मिला है। AI अब जबरदस्त मात्रा में गंभीर विश्लेषण करने में सक्षम हो गया है। अगला सवाल है– उन सभी में से किन रिसर्च पर भरोसा किया जाए?









