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President Trump पब्लिक रिलीज से पहले AI मॉडल्स को कर सकते हैं वेेट

  • Trump नए पावरफुल AI मॉडल्स के पब्लिक रिलीज से पहले नई review प्रक्रिया पर विचार कर रहे
  • ये प्रस्ताव एक AI वर्किंग ग्रुप बना सकता है जिसमें government officials, national security agencies और tech executives शामिल होंगे
  • यह कदम Trump के 2025 क्रिप्टो वर्किंग ग्रुप जैसा होगा, जो पहले पॉलिसी coordination बॉडी था और बाद में stablecoin नियमों और एजेंसी action को shape करने में मददगार रहा

रिपोर्ट्स के मुताबिक, White House उन पावरफुल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडल्स को रिलीज़ होने से पहले रिव्यू करने का प्लान बना रहा है। यह जानकारी 5 मई 2026 को सामने आई है।

यह प्रस्ताव US की AI पॉलिसी में एक बड़ा बदलाव हो सकता है। इससे फेडरल सरकार को पब्लिक तक पहुंचने या सरकारी सिस्टम्स में लागू होने से पहले एडवांस्ड मॉडल्स का मूल्यांकन करने का डायरेक्ट रोल मिल जाएगा।

खबरों के मुताबिक, यह चर्चा नए executive order पर फोकस है। इसमें एक AI working group बन सकता है, जिसमें सरकारी अधिकारी, नेशनल सिक्योरिटी एजेंसियां और टेक्नोलॉजी एग्जीक्युटिव्स शामिल होंगे।

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फिलहाल, सबसे बड़ी चिंता सिक्योरिटी को लेकर है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अधिकारी डर रहे हैं कि फ्रंटियर AI मॉडल्स यूज़र्स को सॉफ्टवेयर में खामियां ढूंढने, खतरनाक कोड लिखने या साइबरअटैक तेज करने में मदद कर सकते हैं।

एक ऐसा मॉडल जो जांच के घेरे में है, वह है Anthropic का Claude Mythos। साइबरसिक्योरिटी एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि इसकी कोडिंग क्षमता कॉम्प्लेक्स अटैक्स को प्लान और एग्जीक्यूट करना आसान बना सकती है।

हालांकि, White House ने अभी तक फाइनल पॉलिसी की पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों ने कहा है कि नए executive order की बातें अभी संभावना ही हैं; कोई भी घोषणा सीधे President Donald Trump की तरफ़ से ही आएगी।

इसमें मुख्य रिस्क है ओवररीच का। प्री-रिलीज़ रिव्यू प्रोसेस से AI डेवलपमेंट धीमा हो सकता है, मॉडल लॉन्च के वक्त पॉलिटिकल प्रेशर बन सकता है, और Washington को प्राइवेट टेक्नोलॉजी पर असामान्य प्रभाव मिल सकता है।

साथ ही, सिक्योरिटी का तर्क कमजोर नहीं है। अगर कोई मॉडल साइबरअटैक की क्षमता को वाकई बढ़ा सकता है, तो सरकार के पास यह देखने की पक्की वजह है कि वह कैसे रिलीज़ किया जाएगा और किसे एक्सेस मिलेगा।

यहां सबसे बड़ा सवाल है इसका दायरा। अगर नेशनल सिक्योरिटी और सरकारी इस्तेमाल के लिए सीमित रिव्यू हो, तो उसे उचित ठहराना आसान है। लेकिन सभी बड़े AI मॉडल्स के लिए वाइड एप्रूवल सिस्टम ज्यादा विवादस्पद साबित हो सकता है।

क्रिप्टो फील्ड में भी हाल ही में ऐसी तुलना देखने को मिली थी। Trump ने जनवरी 2025 में एक डिजिटल एसेट working group बनाया था, जिससे एजेंसियों के बीच पॉलिसी coordiate की जा सके। इसी ग्रुप ने बाद में एडमिनिस्ट्रेशन की क्रिप्टो एजेन्डा, stablecoin रूल्स और एजेंसी-लेवल action को आकार देने में मदद की थी।

यह इतिहास अहम है। Trump के working groups सलाहकार निकाय के रूप में शुरू हो सकते हैं, लेकिन जल्द ही पॉलिसी मेकर बन जाते हैं। अगर AI प्लान आगे बढ़ा, तो यह देखना दिलचस्प होगा कि एडमिनिस्ट्रेशन रिलीज़ से पहले फ्रंटियर AI पर कितना कंट्रोल रखना चाहता है।


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