BlackRock और HSBC ने UK की टोकनाइजेशन पहल में हिस्सा लिया है, जिससे सालाना आर्थिक उत्पादन में $44 बिलियन तक की बढ़ोतरी होने का अनुमान है। इस योजना के पीछे 54 कंपनियां शामिल हो गई हैं।
इस टास्कफोर्स का नेतृत्व Christopher Woolard कर रहे हैं, जो ब्रिटिश सरकार के wholesale डिजिटल मार्केट्स चैंपियन और Financial Conduct Authority के पूर्व अंतरिम प्रमुख हैं। उन्होंने जुलाई 2026 में Treasury को अपनी पहली रिपोर्ट सौंपी, जिसमें उन्होंने पायलट्स से लेकर लाइव मार्केट्स तक का रोडमैप बताया है।
$44 बिलियन का दांव टोकनाइज्ड मार्केट्स पर
टोकनाइजेशन का मतलब है बांड्स, फंड्स और प्रॉपर्टी जैसे एसेट्स की ओनरशिप को डिजिटल टोकन में बदलना, जो ब्लॉकचेन पर रिकॉर्ड होती है। इसके सपोर्टर्स का मानना है कि इससे लागत कम होती है, सेटलमेंट तेजी से होता है और पुराने बैक-ऑफिस सिस्टम में फंसी कैपिटल फ्री होती है।
इस आर्थिक संभावना का जिक्र Barclays और PwC के स्टडी में किया गया है। उनके अनुसार, टोकनाइजेशन 2035 तक UK के उत्पादन में $44 बिलियन (£33 बिलियन) तक की बढ़ोतरी कर सकता है। इसका करीब दो-तिहाई फायदा फाइनेंशियल सर्विसेज के बाहर, वाइडर इकोनॉमी को मिलेगा।
यह टॉप आंकड़ा एक अधिकतम अनुमान है, न कि बेस केस। इसमें यह मानकर चला गया है कि UK एक लीडिंग हब बनता है और US और Europe भी साथ-साथ एडॉप्शन करते हैं। एक ज्यादा सतर्क अनुमान है कि टोकनाइजेशन से सालाना करीब $29 बिलियन (£22 बिलियन) का फायदा होगा, साथ ही $19 बिलियन (£14 बिलियन) की नई टैक्स इनकम भी पैदा होगी।
यह इनाम दिखाता है कि अभी मार्केट कितना शुरुआती स्टेज पर है। साल 2025 में टोकनाइज्ड रियल वर्ल्ड एसेट्स (RWA) करीब $30 बिलियन थे, जो ग्लोबल मार्केट का बहुत छोटा हिस्सा है। फिर भी, इस वैल्यू में एक साल में करीब 300% ग्रोथ हुई। ऑन-चेन टोकनाइजेशन डेटा में भी यही ट्रेंड दिखा है।
एक्सपर्ट्स मानते हैं कि बेस जल्दी बढ़ सकता है। BCG कंसल्टेंसी का अनुमान है कि 2035 तक टोकनाइज्ड एसेट्स $55 ट्रिलियन तक पहुंच सकते हैं। इसी कारण टोकनाइज्ड स्टॉक्स और बांड्स का ट्रेंड अब इंस्टीट्यूशनल स्ट्रैटेजी की सेंटर में है।
नोट: BeInCrypto की लेटेस्ट रिसर्च में पाया गया है कि 56% से ज्यादा टोकनाइजेशन मार्केट में ऑन-चेन कोई एक्टिविटी नहीं है।
ग्लोबल बैंक UK टोकनाइजेशन पुश को सपोर्ट कर रहे हैं
BlackRock क्लासिक फाइनेंस इंडस्ट्री में आए बड़े बदलाव को दिखाता है। दुनिया का सबसे बड़ा एसेट मैनेजर BUIDL फंड चलाता है, जो सबसे बड़ा टोकनाइज्ड US Treasury फंड है और इसमें करीब $2.4 बिलियन की एसेट्स हैं। BlackRock 2025 में UK में क्रिप्टोएसेट कंपनी के रूप में रजिस्टर्ड भी हुआ। वहीं HSBC अपने Orion प्लेटफॉर्म के जरिए डिजिटल बांड्स जारी कर चुका है।
टास्कफोर्स का गठन ग्लोबल फाइनेंस की रोल कॉल जैसा है। इसके 54 सदस्यों में JPMorgan, Goldman Sachs, Morgan Stanley, Citi, Deutsche Bank और UBS शामिल हैं।
Asset managers Fidelity International, Schroders, और State Street भी इसमें शामिल हुए हैं। मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर फर्म्स DTCC, Euroclear, और London Stock Exchange Group भी जुड़े हैं। साथ ही, क्रिप्टो-नेटिव प्लेयर्स जैसे Circle, Ripple और Coinbase भी इसमें शामिल हुए हैं।
UK पहले ही कई वर्किंग प्रूफ पॉइंट्स पेश कर चुका है। Lloyds, Aberdeen, और Archax ने 2025 में पहली बार यूके में टोकनाइज्ड फॉरेन एक्सचेंज ट्रेड कोलेटरलाइज्ड किया। Baillie Gifford और BNY ने जून 2026 में ब्रिटेन का पहला पूरी तरह टोकनाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड लॉन्च किया।
इस मोमेंटम ने स्थापित institutional tokenization platforms को सैंडबॉक्स से निकलकर रेगुलेटेड मार्केट्स में ले आया है।
टास्कफोर्स तकनीक को एक-एक यूज केस के साथ प्रूव करने की योजना बना रहा है। इसका पहला लक्ष्य repo market है, जहां कंपनियां शॉर्ट-पीरियड के लिए सिक्योरिटीज के बदले कैश उधार लेती हैं। Woolard का ग्रुप 2027 की स्प्रिंग तक लाइव टोकनाइज्ड repo ट्रायल करना चाहता है, इसके बाद फिक्स्ड इनकम और डेरिवेटिव्स पर काम होगा।
पहले से मौजूद मिसालें भी हैं। 2026 की शुरुआत में, Digital Asset ने अपनी Canton नेटवर्क पर टोकनाइज्ड gilts का उपयोग करते हुए क्रॉस-बॉर्डर इंट्राडे repo ट्रेड पूरा किया था।
UK की नजर पहली G7 टोकनाइज्ड गवर्नमेंट बॉन्ड पर
सबसे बड़ा लक्ष्य सरकारी कर्ज से जुड़ा है। रिपोर्ट में डिजिटल gilt यंत्र (DIGIT) के जल्द पायलट की सिफारिश की गई है, जो 2027 की पहली तिमाही से पहले नहीं होना चाहिए। अगर इसमें सफलता मिलती है, तो UK पहला Group of Seven देश बन जाएगा जो टोकनाइज्ड गवर्नमेंट डेट जारी करेगा।
छोटे देशों ने यह कदम पहले उठाया है। Hong Kong ने 2023 में दुनिया की पहली टोकनाइज्ड गवर्नमेंट ग्रीन बॉन्ड जारी की थी। इसके बाद 2025 में मल्टी-करेंसी डिजिटल बॉन्ड लॉन्च किया गया। Slovenia 2024 में डिस्ट्रिब्यूटेड लैजर पर डेट जारी करने वाला पहला European Union देश बना था। European Investment Bank 2021 से ब्लॉकचेन बॉन्ड्स चला रहा है।
इस इतिहास से मुकाबला और तेज हो गया है। UK टोकनाइज्ड डेट का आविष्कार नहीं कर रहा, लेकिन कोई भी बड़ी इकोनॉमी इसे जारी नहीं कर पाई है, और London इसमें पहला बनना चाहता है।
रेग्युलेटर्स भी साथ में बढ़ रहे हैं। Financial Conduct Authority 30 सितंबर 2026 को अपने क्रिप्टोएसेट रेगाइम के लिए एप्लिकेशन शुरू करेगा। पूरी तरह से रोलआउट अक्टूबर 2027 में होगा, साथ में व्यापक UK stablecoin plans भी उसी साल लागू होंगे।
Woolard ने इस कोशिश को देश की ग्लोबल फाइनेंस में जगह के लिए मुकाबले के रूप में बताया।
“साफ-साफ कहें तो, टोकनाइज्ड मार्केट्स फाइनेंशियल सर्विसेज के भविष्य के लिए बेहद जरूरी हैं। UK यहां जो भी करता है, वो तय करता है कि हम फ्यूचर की फाइनेंशियल मार्केट्स के सेंटर में रहेंगे या नहीं,” यह रिपोर्ट के एक अंश में Woolard का हवाला देते हुए लिखा गया है।
सबसे मुश्किल काम पायलट्स के बाद आता है। एनालिस्ट्स अभी भी ट्रेडिंग कम होने और टोकनाइज्ड मार्केट की लिक्विडिटी कम होने को इस सेक्टर की कमजोरी मानते हैं। टास्कफोर्स को स्केलिंग के दौरान इस गैप को भरना होगा।
अब UK के पास तय डेट्स, मजबूत सपोर्टर और क्लियर टारगेट है। अगला साल दिखाएगा कि ये ट्रायल्स लाइव मार्केट तक पहुंच पाते हैं या राइवल फाइनेंशियल सेंटर्स उस गैप को भर लेते हैं।









