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a16z ने कहा, “Stablecoin” क्रिप्टो के पुराने उतार-चढ़ाव भरे दौर की बची हुई शब्दावली है

  • a16z का कहना है ‘stablecoin’ टेक्नोलॉजी को अब सही तरीके से नहीं दर्शाता
  • स्टेबिलिटी है बेसलाइन, असली प्रोडक्ट है programmable money
  • ‘डिजिटल डॉलर’ या ऑनचेन एसेट्स का चलन बढ़ सकता है, लेबल कम हो सकता है

Andreessen Horowitz की क्रिप्टो ब्रांच का कहना है कि “stablecoin” शब्द अब क्रिप्टो की वोलाटाइल शुरुआती सालों की एक पुरानी निशानी बन चुका है। कंपनी का मानना है कि जैसे-जैसे डिजिटल डॉलर मेनस्ट्रीम फाइनेंस में शामिल हो रहे हैं, ये लेबल धीरे-धीरे बाहर हो जाएगा।

कंपनी का कहना है कि अब स्थिरता इस कैटेगरी की पहचान नहीं रही। टेक्नोलॉजी अपने पुराने नाम से आगे बढ़ चुकी है। अब ये ग्लोबल पेमेंट सिस्टम के केंद्र में आ गया है।

स्थिरता अब बेसिक है, फीचर नहीं

इस हफ्ते प्रकाशित पोस्ट में a16z ने “stablecoin” की तुलना “horsepower” से की। जब नई मशीन को पुरानी टेक्नोलॉजी की मदद से समझाया जाता है तो ये नाम काम आते हैं, लेकिन बाद में आउटडेटेड होकर वहीं अटक जाते हैं।

असल परेशानी ये थी कि अनियंत्रित क्रिप्टो वोलाटिलिटी के कारण टेक्नोलॉजी को रोज़ाना की सेविंग, लोन या पेमेंट्स के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता था। स्थिरता ने ये समस्या हल की। अब ये बस एक पूर्व शर्त बन गई है, प्रोडक्ट नहीं।

आज के Stablecoins कुछ सेकंड में ग्लोबल पेमेंट्स के लिए वैल्यू ट्रांसफर करते हैं, कंज्यूमर ऐप्स में इंटीग्रेट होते हैं और प्रोग्रामेबल सिस्टम्स पर चलते हैं। हाल ही में, मंथली ट्रांसफर वॉल्यूम्स ने America के मेन पेमेंट नेटवर्क को भी पीछे छोड़ दिया।

Stablecoin सप्लाई $300 बिलियन से भी ऊपर पहुंच चुकी है। अब कंपनियां dollar-pegged टोकन्स को सिर्फ एक क्रिप्टो ट्रेडिंग टूल नहीं, बल्कि पेमेंट्स के नए साधन के रूप में इस्तेमाल कर रही हैं।

“अब स्थिरता तो बस बेसिक चीज़ है। यह एक ज़रूरत है, मुख्य फीचर नहीं,” पोस्ट के एक हिस्से में कहा गया है।

“Stablecoin” की जगह क्या लेगा?

a16z का मानना है कि इस कैटेगरी का नाम धीरे-धीरे बदल जाएगा। कंपनी ने ” digital dollars“, “digital euros”, और “on-chain assets” जैसे नाम सुझाए हैं।

कंपनी का कहना है कि हर नाम यूजर्स के एसेट के साथ इंटरैक्ट करने के तरीके को ज्यादा सटीक तरीके से दर्शाता है।

सबसे बड़ा बदलाव है कि अब पैसा सॉफ्टवेयर की तरह व्यवहार करता है, वह प्रोग्रामेबल है और डायरेक्टली कंज्यूमर ऐप्लिकेशंस में इंटीग्रेट होता है।

ये तर्क ऐसे समय में आ रहा है जब सेक्टर नए ऑल-टाइम हाई पर पहुंच रहा है। Fireblocks, Circle और Western Union जैसी कंपनियां इस एसेट कैटेगरी के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रही हैं।

a16z ने कहा कि नाम से ज्यादा जरूरी यह है कि इसके बाद क्या आता है। चाहे “डिजिटल डॉलर” इस टर्म को बदल दे या यह शब्द धीरे-धीरे आम फाइनेंस में मिल जाए, फर्म को उम्मीद है कि यूजर्स किसी भी तरह से ट्रांजैक्शन करते रहेंगे।

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