Bitcoin (BTC) के लिए इंस्टिट्यूशनल डिमांड अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। ETF, कॉरपोरेट ट्रेजरी और माइनर्स के जरिए कुल मिलाकर इतनी निगेटिव खरीदारी देखी गई है, जितनी 2020 के बाद से कभी नहीं देखी गई।
सेल-ऑफ़ के चलते स्पॉट Bitcoin ETF बैलेंस, ऑटम 2025 के पीक के बाद से तेजी से कम हुए हैं। वहीं, नए व्हेल वॉलेट्स को लगभग $2.5 बिलियन का रियलाइज्ड नुकसान हुआ है, क्योंकि प्राइस $61,000 तक गिर गई।
इंस्टिट्यूशनल Buying अपने सबसे निगेटिव लेवल पर
Capriole Investments के डेटा के मुताबिक, जिसे एनालिस्ट Charles Edwards ने शेयर किया है, इंस्टिट्यूशनल Bitcoin डिमांड बहुत तीब्रता से निगेटिव हो चुकी है। फर्म का Net Institutional Buying मीट्रिक -464% तक गिर गया है, जो 2020 में सीरीज की शुरुआत के बाद से सबसे गहरा आंकड़ा है।
यह मीट्रिक स्पॉट ETF, कॉरपोरेट ट्रेजरी और Bitcoin माइनर्स में फ्लो को कंबाइन करता है। इसके सभी रेट-ऑफ-चेंज कंपोनेंट्स अब जीरो से नीचे चले गए हैं, जिसमें ETF लाइन -0.0126% तक स्लाइड कर गई है, जो चार्ट में सबसे कम है।
इतना निगेटिव डेटा पहले भी आक्रामक डिस्ट्रिब्यूशन का संकेत देता रहा है। डेटा से साफ है कि इंस्टीट्यूशन अब अपनी पोजीशन मौजूदा साइकल के किसी भी पिछले पॉइंट से ज्यादा तेजी से घटा रहे हैं।
पॉजिटिव ज़ोन में वापस लौटने के लिए कम से कम किसी एक बड़ा समूह से लगातार नेट बायिंग जरूरी होगी। फिलहाल यह इंडिकेटर बड़ी इंस्टिट्यूशनल ऑउटफ्लो दिखाता है, न कि अक्युमुलेशन।
Bitcoin इंस्टिट्यूशनल ऑउटफ्लो: स्पॉट ETF बैलेंस ऑटम की पीक के बाद लगातार गिरा
Glassnode के डेटा से पता चलता है कि US स्पॉट ETF बैलेंस में गिरावट की यह ट्रेंड कन्फर्म हो जाती है। एग्रीगेट होल्डिंग्स ने ऑटम 2025 में लगभग $160 बिलियन छू लिया था, जब Bitcoin ऑल-टाइम हाई $126,000 के ऊपर गया था।
इसके बाद लगभग हर इश्यूअर की बैलेंस गिर गई है, चाहे वो BlackRock का IBIT हो या Grayscale का GBTC। जून 2026 तक कुल मिलाकर बैलेंस $75 बिलियन तक रह गई।
इस गिरावट का कुछ हिस्सा कम प्राइस के चलते है, रिडेम्प्शन के कारण नहीं। हालांकि, हाल की फ्लो डेटा ने कन्फ्यूजन खत्म कर दिया है। US स्पॉट ETF में जून की शुरुआत तक लगातार 13 दिन नेट ऑउटफ्लो दिखे, जिसमें करीब $4.3 बिलियन निकल गया।
यह बड़े पैमाने पर सेल-ऑफ़ दिखाता है कि प्रेशर सिर्फ एक फंड तक सीमित नहीं है। यह उन सभी इश्यूअर्स में फैला है जिन्होंने 2024 और 2025 की रैली के दौरान सबसे ज्यादा इनफ्लो हासिल किए थे।
BTC प्राइस $61,000 की ओर फिसला क्योंकि नए व्हेल्स ने हार मानी
CryptoQuant के डेटा के मुताबिक, सेलिंग अब बड़े होल्डर्स तक फैल चुकी है। नए व्हेल वॉलेट्स को लगभग $2.5 बिलियन का घाटा हुआ है क्योंकि Bitcoin प्राइस हाई $70,000s से गिरकर $60,000 के करीब आ गया।
पुराने व्हेल्स लगभग फ्लैट रहे, जिससे पता चलता है कि ज्यादा नुकसान हाल के, महंगे खरीदारों को हुआ है। यही वो ग्रुप है जिसमें ETF के जरिए सबसे ज्यादा इंस्टिट्यूशनल पैसा आया था।
BeInCrypto डेटा के अनुसार, पब्लिशिंग के समय BTC करीब $61,005 पर ट्रेड हो रहा था, जो दिन में लगभग 2.7% और पिछले महीने में करीब 25% गिरा है। मार्केट कैप लगभग $1.22 ट्रिलियन था।
अगर $60,000 के ऊपर होल्ड रहता है तो यह नजदीकी साइकोलॉजिकल सपोर्ट बनेगा। इसके नीचे ब्रेक होने पर प्राइस लो $50,000s तक जा सकता है, जिससे कैपिटल का ऑउटफ्लो और गहरा होगा।
अगर Bitcoin $70,000 के एरिया को फिर से छूता है तो bearish सेंटिमेंट कमजोर हो सकता है और फ्लो स्टेबल होने के संकेत मिल सकते हैं। अब आगे का रास्ता इसी पर टिका है कि क्या मैक्रो प्रेशर इतना कम हो सकता है कि इंस्टिट्यूशनल रिडेम्प्शन्स की स्पीड धीमी हो जाए।
जब तक नेट फ्लो फिर से पॉजिटिव नहीं होता, तब तक सेलर्स को एडवांटेज रहेगा।









