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2030 तक China बन सकता है AI लीडर, Bloomberg ने बताया क्या हैं इसकी राह में रुकावटें

Bloomberg Intelligence (BI) के अनुसार, 2030 तक China दुनिया में AI मॉडल्स में लीड कर सकता है। वहीं, उसके चिपमेकर तब तक सिर्फ तुलना योग्य स्थिति तक ही पहुंच पाएंगे।

Hong Kong का मेन टेक बेंचमार्क भी इसी डिवाइड की ओर बढ़ रहा है। दिसंबर में Hang Seng Tech Index AI और हार्डवेयर कंपनियों की ओर झुकेगा।

China की AI बढ़त कम कीमतों पर टिकी है

BI के एनालिस्ट्स, जिनका नेतृत्व Francis Chan कर रहे हैं, कहते हैं कि लागत China की सबसे बड़ी ताकत है। उनका मानना है कि सॉफ्टवेयर ऑप्टिमाइजेशन में इसकी महारत, AI को सस्ती लागत में लागू करने में China को आगे रखती है।

अमेरिकी मॉडल्स अभी भी बहुत आगे हैं। President Donald Trump ने कहा है कि अमेरिका, China से लगभग एक साल आगे है। BeInCrypto ने इस महीने खबर दी थी कि BI ने बेंचमार्क पर इस बढ़त को सिर्फ 3% बताया है।

AI में लीड होने का मतलब अभी तक कमाई होना नहीं है। चीन की AI कंपनियां, बाकी देशों की तरह, अभी भी इनोवेशन से पैसा कमाने का तरीका खोज रही हैं।

एनालिस्ट्स का मानना है कि इनमें चल रही प्राइस वॉर के चलते प्रॉफिट्स मुश्किल हैं, जब तक कि कंपनियां सही दाम तय नहीं करतीं। फिर भी, BI को Hong Kong के स्टॉक मार्केट में मौका दिख रहा है। Hang Seng Tech Index ग्लोबल AI ट्रेड से पीछे रह गया है।

BI का अनुमान है कि इंडेक्स का यह बदलाव China के हाई-टेक सेक्टर के दूसरी जगहों से भी वैल्यू कैप्चर करने में मदद करेगा। अभी, दो Chinese AI मॉडल डेवलपर्स, Zhipu और MiniMax, Hong Kong के इंडेक्स में शामिल हैं। दोनों को जून में वेट 0.53% और 0.36% के साथ जोड़ा गया था।

 “ये बदलाव इंडेक्स की ग्रोथ प्रोफाइल को काफी बेहतर बना सकते हैं और एडवांस्ड हार्डवेयर, AI और रोबोटिक्स के एक्सपोजर को बढ़ा सकते हैं,” BI के मुताबिक।

दिसंबर का ओवरहॉल इंडेक्स को 30 से बढ़ाकर 50 सदस्यों तक ले जाएगा। 40 कॉम्पनियों को मार्केट वैल्यू के हिसाब से व 10 को पिछले साल की सेल्स ग्रोथ के आधार पर चुना जाएगा।

Hang Seng Indexes टीम 20 नवंबर को नए मेंबर्स के नाम जारी करेगी, और ये बदलाव 7 दिसंबर से लागू होंगे।

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China की चिप गैप दो राजधानियों से होकर गुजरती है

China के चिपमेकर्स के लिए मंजिल अब भी दूर है। BI के अनुसार, China शायद 2030 तक चिप टेक्नोलॉजी में गैप को कम कर लेगा, लेकिन पूरी तरह से आत्मनिर्भर नहीं बन पाएगा।

आयातित चिप्स इस कमी को थोड़ा कम कर सकते हैं, लेकिन दो सरकारें तय करती हैं कि कितनी चिप्स पहुंचेंगी।

Washington ने Nvidia की H200 चिप्स को China में बेचने की मंजूरी दे दी है, और Trump ने कहा कि US सरकार राजस्व का 25% अपने पास रखेगी।

Anthropic ने इसके विपरीत कड़ा रुख अपनाया है। इसने एक्सपोर्ट कंट्रोल को और सख्त करने की बात कही है ताकि 2028 तक US की बढ़त 12 से 24 महीनों तक बनी रहे।

Beijing ने भी रास्ता सीमित रखा है। पहले ख़रीदने पर रोक लगाई, फिर जुलाई से चुनिंदा AI कंपनियों को लिमिटेड मात्रा में खरीदने की अनुमति दी। इन सेल्स का हिस्सा जुलाई में खत्म हुई तिमाही में Nvidia की डेटा-सेंटर कमाई का 1% से भी कम था।

BI के मुताबिक, व्यापार प्रतिबंध China की टेक कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती है। इसके बावजूद, उम्मीद है कि यह देश के इंडस्ट्रियल एक्सपेंशन को रोकने के बजाय अलग-अलग देशों में फैला देगा।

AI के अलावा, रिपोर्ट में अनुमान है कि 2030 तक China 17 में से 8 स्ट्रैटेजिक टेक्नोलॉजीज जैसे एनर्जी स्टोरेज से लेकर बायोफार्मा मैन्युफैक्चरिंग में लीड करेगा। रिपोर्ट का यह भी कहना है कि इससे China की इकोनॉमी स्लोडाउन से नहीं बच पाएगी।

Bloomberg Economics का अनुमान है कि आने वाले 10 सालों में औसत ग्रोथ 3.6% रहेगी, जबकि पिछले तीन सालों में यह 5.2% थी।

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