OpenAI के एक मॉडल ने Exponential Time Hypothesis (ETH) को गलत साबित कर दिया है। इसने एक क्लासिक लॉजिक पज़ल के लिए तेज़ तरीका ढूंढ लिया है। एक मशीन-चेक्ड प्रूफ ने इस दावे का समर्थन किया है, जिससे 27 साल पुराना वह अनुमान बदल गया जिस पर रिसर्चर्स भरोसा करते थे।
यह रिजल्ट यह साबित नहीं करता कि P और NP बराबर हैं – जो मॉडर्न एन्क्रिप्शन के पीछे का बड़ा सवाल है। इसलिए, यह अल्गोरिद्म Bitcoin (BTC) और Ethereum को सिक्योर करने वाली क्रिप्टोग्राफी के लिए फिलहाल कोई सीधा खतरा नहीं है।
Exponential Time Hypothesis क्यों मायने रखती थी?
यह hypothesis 3-SAT से जुड़ी है, जो true-or-false switches और उनके साथ जुड़ी rules से बनी एक पज़ल है। इसका मकसद ऐसे switches को सेट करना है जिससे एक साथ हर rule पूरा हो जाए।
किसी दिए गए जवाब को चेक करना आसान है। लेकिन जवाब ढूंढना मुश्किल होता है क्योंकि हर नया switch सारेकोंबिनेशन को डबल कर देता है।
Russell Impagliazzo और Ramamohan Paturi ने 1999 में ETH का प्रस्ताव रखा था। हालांकि इसका acronym Ethereum के टिकर ETH से मिलता है, लेकिन दोनों का आपस में कोई संबंध नहीं है।
यह hypothesis मानती है कि किसी भी algorithm से इस exponential बढ़त को worst case में नहीं रोका जा सकता।
रिसर्चर्स ने इसे एक मजबूत दीवार की तरह माना। OpenAI के अनुसार, ग्राफ थ्योरी, computational biology और database में सैकड़ों पेपर्स ने इसी hypothesis पर अपनी hardness results बनाए थे।
AI ने वह शॉर्टकट कैसे खोजा जो एक्सपर्ट्स मिस कर गए?
OpenAI के सिस्टम ने 16 अक्टूबर को नेचुरल लैंग्वेज में प्रूफ दिया। अगले ही दिन टीम ने इसे Lean नाम के सॉफ्टवेयर में formalize कर दिया, जो हर logical step को वेरिफाई करता है।
पब्लिश किया गया algorithm n variables वाले इनपुट को लगभग 2^(n/√log n) steps में हैंडल करता है। यह ETH के अनुमानित एक्सपोनेंशियल फ्लोर को हरा देता है, लेकिन अभी भी प्रैक्टिकल इस्तेमाल के लिए काफी धीमा है।
OpenAI का कहना है कि प्रैक्टिकल स्पीडअप के लिए अभी और रिसर्च करनी पड़ेगी।
Impagliazzo और Paturi, जो UC San Diego में हैं, MIT के Ryan Williams के साथ अब इस रिव्यू का नेतृत्व करेंगे। मतलब, इस hypothesis के लेखक खुद उसकी अस्वीकृति की जांच करेंगे।
इसी दौरान, OpenAI ने इस खोज का कोई वैज्ञानिक श्रेय नहीं लिया है। यह स्टैंड एक पहले हुए Navier-Stokes विवाद के बाद आया है।
Texas at Austin की University में कंप्यूटर साइंस प्रोफेसर Scott Aaronson ने यह न्यूज़ सुनने का अनुभव शेयर किया।
“मेरे स्टूडेंट्स अभी मेरे ऑफिस आए और मुझे बताया कि अब एक OpenAI मॉडल ने Exponential Time Hypothesis को गलत साबित कर दिया है”
Scott Aaronson द्वारा Shtetl-Optimized
क्या ETH का ब्रेक होना मतलब P Equals NP?
नहीं। P versus NP का सवाल यह है कि क्या हर ऐसा प्रॉब्लम जिसका जवाब जल्दी चेक किया जा सकता है, क्या उसे जल्दी सॉल्व भी किया जा सकता है।
ETH, P ≠ NP से भी ज्यादा सख्त दावे वाला था। इसलिए, इसे गलत साबित करने से बड़ा सवाल अभी भी खुला ही है।
एक पर्वत के बीच की दो घाटियां सोचें। AI ने सिर्फ चोटी के ऊपर से छोटा रास्ता खोजा, कोई सुरंग नहीं बनाई।
OpenAI के प्रेसिडेंट और को-फाउंडर Greg Brockman ने भी ऐलान के कुछ घंटे बाद यही पॉइंट उठाया।
यह फर्क क्रिप्टो होल्डर्स के लिए मायने रखता है। Bitcoin के सिग्नेचर एलिप्टिक कर्व क्रिप्टोग्राफी पर बेस्ड हैं, जो एक कठिन मैथ प्रॉब्लम है और इसे यह एल्गोरिदम टच नहीं करता।
BeInCrypto के Market Intelligence Expert Council के मेंबर Benjamin Cowen ने इस चिंता को जवाब दिया।
स्पष्टता के लिए, Exponential Time Hypothesis को गलत साबित करना न तो P = NP साबित करेगा, न ही इसका मतलब है कि Bitcoin या Ethereum सेफ नहीं हैं।
Exponential Time Hypothesis: जब मशीनें अपने क्रिएटर्स को पीछे छोड़ दें तब क्या होता है?
असंभव जैसी मान्यताएं पहले भी खत्म हो चुकी हैं। 1960 में Anatoly Karatsuba ने Andrey Kolmogorov का multiplication conjecture सिर्फ एक हफ्ते के अंदर गलत साबित कर दिया था।
इसी तरह, Volker Strassen ने 1969 में स्टैंडर्ड मैट्रिक्स मल्टिप्लिकेशन को बेस्ट मानने की कोशिश की, लेकिन और तेज तरीका खोज लिया।
अंतर सिर्फ ये है कि अब शॉर्टकट कौन खोजता है। अब मशीने प्रूफ निकाल रही हैं, जबकि इंसान उनको समझने में लगे हैं।
इसी रिलीज में harmonic analysis और particle physics में भी आगे के प्रूफ होने का दावा किया गया।
डिजिटल एसेट्स के लिए यह स्पीड मायने रखती है। क्रिप्टोग्राफर Matthew Green पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि AI वॉलेट्स के पीछे का मैथमेटिक्स कमजोर कर सकता है।
Cowen ने इस घटना को मार्केट पर्सपेक्टिव से समझाया। उनके अनुसार, फाइनेंस से दूर की फील्ड्स भी फाइनली मार्केट्स को बदल सकती हैं।
एक ऐसी इंडस्ट्री जो hardness assumptions से सुरक्षित मानी जाती है, वहां हर AI breakthrough अब एक stress test की तरह काम करता है।











