France Telegram मामला 2 साल का: क्या Durov सिर्फ ‘ना’ बोलने पर निशाने पर हैं

  • Durov ने कहा France ने Telegram को निशाना बनाया क्योंकि उसने गुप्त पॉलिटिकल demands मानने से इनकार किया
  • Telegram ने इस साल 2.36 करोड़ ग्रुप्स और चैनल्स ब्लॉक किए, इसकी सेफ्टी पेज पर जानकारी
  • France के Constitutional Council ने 14 अगस्त को Macron की 15 साल से कम उम्र वालों के लिए सोशल मीडिया बैन को खारिज किया

फ्रांस का Telegram केस सोमवार को दो साल का हो गया। फाउंडर Pavel Durov ने इस मौके पर सरकारों पर आरोप लगाया कि वे ऐप को सेंसरशिप की मांग न मानने पर सजा दे रही हैं।

अगस्त 2024 में शुरू हुई फ्रेंच आपराधिक जांच अभी भी एक्टिव है। Durov का कहना है कि जैसे-जैसे Telegram की मॉडरेशन हिस्ट्री का सबूत बढ़ा है, वैसे-वैसे केस कमजोर हुआ है।

फ्रांस का Telegram केस कैसे शुरू हुआ

फ्रांसीसी पुलिस ने 2024 में Durov को तीन दिन तक हिरासत में रखा, जो आरोप तय होने से पहले अधिकतम समय है। Durov का कहना है कि पहली बार किसी प्लेटफॉर्म के एग्जीक्यूटिव को यूज़र्स द्वाराकिए अपराध की वजह से आरोपी बनाया गया।

अब उन पर लगी पाबंदियां थोड़ी कम हो चुकी हैं। फ्रांस ने नवंबर 2025 में उनकी ट्रैवल पाबंदियां हटाई, जिससे एक साल तक चले पुलिस चेक-इन का दौर खत्म हुआ।

फिर भी जांच बंद नहीं हुई। फ्रेंच प्रॉसीक्यूटर देख रहे हैं कि Telegram ने वैध अनुरोधों पर सहयोग न करके क्या आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया। Durov अब कहते हैं कि दो साल के डेटा से यह दलील कमज़ोर हो चुकी है। Durov के अनुसार, Telegram न तो अपने प्रतिद्वंदियों से खराब तरीके से मॉडरेट करता है, और न ही अधिकारियों के साथ कम सहयोग करता है।

Durov के अनुसार कई देशों में दोहराया जाने वाला पैटर्न

Durov कहते हैं कि कई देशों के अधिकारी चुपचाप Telegram से राजनैतिक फायदे, जिसमें सेंसरशिप और सर्विलांस भी शामिल है जिसकी उन्हें अवैध लगती है, मांगते हैं। अगर Telegram इनकार करता है तो लोकल मीडिया और एक्टिविस्ट ग्रुप्स अभियान चला देते हैं।

उन्होंने पहले Romania और Moldova में चुनावों से जुड़ी डिमांड्स का ज़िक्र किया है। उन्होंने और Elon Musk ने यह भी आरोप लगाया कि यूरोपीय रेग्युलेटर्स चाइल्ड सेफ्टी को दबाव बनाने का जरिया बना रहे हैं।

Telegram की सेफ्टी पेज के अनुसार इस वर्ष 23.6 मिलियन ग्रुप्स और चैनल्स को ब्लॉक किया गया है। इनमें से 370,777 ग्रुप्स चाइल्ड एब्यूज मटेरियल और 164,099 टेररिस्ट कंटेंट से जुड़े थे।

वहीं, Durov का कहना है कि कुछ प्लेटफॉर्म ऐसी जांच से बच जाते हैं। Tech Transparency Project, जो कॉरपोरेट अकाउंटेबिलिटी वॉचडॉग है, ने इस महीने Meta की ऐड लाइब्रेरी को रिव्यू किया। इसमें 50 से ज्यादा पेड ऐड्स मिले, जिनमें AI-जनरेटेड चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज मटेरियल था।

फ्रांस के केस का आगे क्या होगा

Durov को उम्मीद है कि जांच पर आगे चलकर सवाल उठाए जाएंगे। उन्होंने राष्ट्रपति Emmanuel Macron के ऑनलाइन नियमों के खिलाफ देश में चल रही आपत्तियों की तरफ इशारा किया है।

अब यह विरोध फ्रेंच अदालतों में दिख रहा है। जज यह जांच रहे हैं कि सरकार कितनी दूर तक प्लेटफॉर्म्स पर पाबंदी लगा सकती है, जब तक कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता न प्रभावित हो।

फ्रांस की संवैधानिक परिषद (Constitutional Council) ने 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर बैन लगाने वाले नियम को खारिज कर दिया है। 14 अगस्त के निर्णय में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता (freedom of expression) का हवाला दिया गया है।

Durov ने रूस के खिलाफ भी इसी तरह के आरोप लगाए हैं, जहां जुलाई में उन पर आतंकवाद के आरोप लगाए गए थे।

Telegram से जुड़ा टोकन GRAM, जिसे पहले Toncoin के नाम से जाना जाता था, सोमवार को करीब $1.47 पर ट्रेड कर रहा था, जो 24 घंटों में लगभग 3% नीचे रहा।

Gram प्राइस प्रदर्शन
Gram प्राइस प्रदर्शन। स्रोत: BeInCrypto

फ्रांस के अभियोजक ट्रायल की ओर बढ़ते हैं या केस को धीरे-धीरे खत्म करते हैं, इसका पता आने वाले महीनों में साफ हो सकता है।

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