Fundstrat के Tom Lee का मानना है कि मार्केट बढ़ती Treasury yields को गलत तरीके से देख रहा है। लोग इन्हें स्टॉक मार्केट के लिए खतरे के रूप में मान रहे हैं, जबकि ये असल में मजबूत कंपनियों को कमजोर कंपनियों से अलग कर रही हैं।
Lee उस पैनल में शामिल हुए, जहां पहले से ही बहस चल रही थी। उन्हें खासतौर पर इसलिए बुलाया गया था ताकि वे उन दो मेहमानों की बहस पर अपनी राय दें, जो इस बात पर उलझ रहे थे कि क्या बढ़ती yields स्टॉक्स के लिए मुश्किलें ला सकती हैं। Lee ने किसी भी पक्ष का समर्थन नहीं किया, बल्कि सवाल को नए नजरिए से सामने रखा। उन्होंने कहा कि असली मुद्दा यह नहीं है कि yields ऊपर जा रही हैं या नहीं, बल्कि यह है कि कौन सी कंपनियां इन हालात में भी ग्रो कर सकती हैं।
Yield एक फिल्टर की तरह, फ्लेट टैक्स नहीं
10-साल की Treasury yield 15 सितंबर को 5.04% तक पहुंच गई थी, और 30-साल की Treasury yield 2004 के बाद सबसे ऊंचे लेवल पर है, 2007 के बाद का सबसे ऊंचा लेवल। यह तब हुआ जब Federal Reserve ने 2023 के बाद पहली बार ब्याज दरें बढ़ाईं, और उसका टारगेट रेंज 3.75%-4.00% तक पहुंचाया।
CNBC के Closing Bell पर Lee ने कहा कि ऐसी कोई भी मूव सीधे-सीधे बुरी न्यूज नहीं है। मार्केट अभी ये समझ ही रहा है कि ये कोई बड़ा बदलाव है या सिर्फ एक बार की एडजस्टमेंट। इस डिबेट ने क्रिप्टो प्राइस पर जरा सा भी असर नहीं डाला हाल ही के फैसले के बाद।
Lee के मुताबिक, उधारी की बढ़ती लागत हर कंपनी को एक जैसा प्रभावित नहीं करती। जिन कंपनियों के पास कैपिटल मजबूत है, उन्हें फाइनेंसिंग आसानी से मिलती है, वहीं छोटी और कमजोर कंपनियां कॉम्पिटिशन में पीछे रह जाती हैं। इससे उनके बीच का फर्क और बड़ा हो जाता है।
उन्होंने कहा, इसी वजह से mega-cap टेक stocks इतने मजबूत बने हुए हैं, क्योंकि उनके पास फाइनेंसिंग की जो एडवांटेज है, वह बाकी के लिए हालात टाइट होते ही और जरूरी हो जाती है।
Disinflation के बारे में Lee की पॉजिटिव राय
Lee की पॉजिटिव सोच inflation पर भी लागू होती है। वे उम्मीद कर रहे हैं कि अगले छह महीने में headine और core दोनों inflation के आंकड़े काफी कम हो जाएंगे। इसकी वजह है tariff का असर कम होना, हाल ही में AI की वजह से मेमोरी-चिप की प्राइस का चढ़ाव थमना और ऑयल का लगभग $100 प्रति बैरल रहना।
उन्होंने एक तकनीकी फैक्टर की भी तरफ इशारा किया – Bureau of Economic Analysis की 30 सितंबर की मेथडोलॉजी रिवीजन Personal Consumption Expenditures index के लिए। Lee का अनुमान है कि इससे वार्षिक रेट में 20 से 40 बेसिस प्वाइंट की गिरावट आ सकती है।
TD Securities और Wells Fargo जैसी इंडिपेंडेंट रिपोर्ट्स इसे 15-20 बेसिस प्वाइंट के करीब मानती हैं। यह असर थोड़ा कम है, लेकिन उनके पॉइंट को सपोर्ट करता है।
होस्ट Scott Wapner ने Lee से पूछा कि अगर yields और inflation छह महीने से ज्यादा ऊपर रहे तो क्या होगा?
Lee ने माना कि इसमें अनिश्चितता है, लेकिन उनका कहना था कि सबूत अभी भी दिखाते हैं कि प्राइस ग्रोथ में सच में स्लोडाउन आ सकता है। यह बदलाव क्रिप्टो और स्टॉक्स दोनों के लिए मायने रखेगा, क्योंकि इस साल दोनों ही real yields के साथ काफी जुड़े रहे हैं।









