Solana के co-founder Anatoly Yakovenko ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को क्रिप्टो क्रिप्टोग्राफी के लिए सबसे बड़ा निकट-भविष्य का खतरा बताया है। उन्होंने कहा कि AI, post-quantum cryptography (PQC) सिग्नेचर स्कीम्स को उसके मजबूत होन से पहले ब्रेक कर सकता है।
Bitcoin डेवेलपर्स और एनालिस्ट्स Satoshi Nakamoto की होल्डिंग्स को प्रभावित किए बिना भविष्य की क्वांटम चुनौतियों पर एक समझौते की ओर बढ़ रहे हैं।
Yakovenko ने पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफी के लिए मल्टीसिग डिफेंस पर दिया जोर
Solana के co-founder ने कहा कि इंडस्ट्री अभी तक PQC के गणित या इम्प्लीमेंटेशन की कमजोरियों को पूरी तरह नहीं समझ पाई है।
Yakovenko चाहते हैं कि वॉलेट्स कई सिग्नेचर स्कीम्स को two-of-three multisig के जरिये कंबाइन करें। Solana के ट्रांजैक्शन प्रोसेसर में Program Derived Addresses के जरिये ये सेटअप नैटिवली सपोर्ट किया जा सकता है।
“मुझे लगता है सबसे बड़ा रिस्क यही है कि PCQ सिग्नेचर स्कीम्स को AI ब्रेक कर देगा। हमें इम्प्लीमेंटेशन की सारी प्रॉब्लम्स तो छोडिए, गणित की दिक्कतें भी पूरी नहीं पता,” Yakovenko ने चेतावनी दी।
Curve Finance के founder Michael Egorov ने पूछा कि क्या फॉर्मल वेरिफिकेशन से गैप खत्म किया जा सकता है। लेकिन Yakovenko के मुताबिक, वेरिफिकेशन तभी काम करता है जब डेवेलपर्स को पता हो कि उन्हें एक्चुअली वेरिफाई क्या करना है।
Yakovenko अब भी दो में से तीन इंडिपेंडेंट स्कीम्स के जरिये रेडंडेंसी के पक्ष में हैं।
Bitcoiners ने Satoshi के कॉइन्स पर शुरूआती सहमति बनाई
Galaxy Digital के फर्मवाइड रिसर्च हेड Alex Thorn ने कहा कि Satoshi की होल्डिंग्स को लेकर एकजुटता बन रही है। उन्होंने Las Vegas में हुए टॉक्स का हवाला दिया, जिसमें स्केप्टिक, एडवोकेट्स और कई Bitcoiners शामिल थे।
Satoshi के लगभग 1.1 मिलियन Bitcoin (BTC) करीब 22,000 P2PK एड्रेस में 50 BTC प्रति एड्रेस पर हैं। Thorn ने दलील दी कि कोई भी लॉन्ग-रेंज अटैक हर एड्रेस को अलग से क्रैक करना होगा। दूसरी तरफ, exchanges Q-day से पहले पोस्ट-क्वांटम एड्रेस पर माइग्रेट कर सकते हैं।
Thorn ने आगे कहा कि Bitcoin मार्केट्स आमतौर पर एक मिलियन से ज्यादा BTC की सेलिंग प्रेशर को आसानी से झेल सकती हैं। इसका मतलब है कि worst-case में unwind होने पर भी नेटवर्क की core property rights से समझौता नहीं होगा।
अभी ये सवाल ओपन है कि वॉलेट रेडंडेंसी या प्रोटोकॉल का रेगुलेटेड अप्रोच, क्वांटम रिसर्च के तेज होने के इस दौर में, निकट-भविष्य में ज्यादा मजबूत डिफेंस देगा।





