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Tech में AI को न अपनाने वाली कंपनियों में छंटनी का खतरा 3 गुना ज्यादा, Gallup की रिपोर्ट

  • AI का कम इस्तेमाल करने वाले टेक वर्कर्स को नौकरी गंवाने का खतरा 3 गुना ज्यादा
  • नौकरी गंवाने वाले वर्कर्स में AI का इस्तेमाल कम देखने को मिला, जबकि employed लोगों ने ज्यादा यूज किया
  • सिर्फ 1% बेरोज़गार US वर्कर्स ने AI को मुख्य वजह बताया

Gallup के सर्वे के अनुसार, जो टेक वर्कर्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल महीने में एक बार से भी कम करते थे, उन्हें उन साथियों की तुलना में तीन गुना ज्यादा ले-ऑफ का रिस्क था, जो AI का कम से कम महीने में एक बार इस्तेमाल करते थे।

यह फाइंडिंग इंडस्ट्री के अंदर एक बड़ा डिवाइड दिखाती है, जो पहले से ही बाकी सेक्टर्स के मुकाबले ज्यादा ले-ऑफ रिस्क में है। इसका मतलब है कि रेगुलर AI यूज, सिर्फ आपकी रोल या सेक्टर नहीं, बल्कि यह भी तय करता है कि किसकी जॉब बनी रहती है।

AI का इस्तेमाल न करने वालों का रिस्क क्यों बढ़ा

Gallup ने एम्प्लॉइड और अनएम्प्लॉइड एडल्ट्स से पूछा कि वे जॉब में कितनी बार AI का इस्तेमाल करते/करते थे। रिजल्ट में पाया गया कि जिन वर्कर्स की नौकरी जा चुकी थी, उन्होंने बाकी की तुलना में AI का कम यूज़ किया था।

करीब 62% ले-ऑफ हुए वर्कर्स ने बताया कि वे साल में एक बार या उससे भी कम AI यूज करते थे, जबकि वर्तमान में नौकरी करने वाले वर्कर्स में ये आंकड़ा 50% था। वहीं, 28% जॉब करने वालों ने कहा कि वे AI को रेगुलर यूज करते हैं, लेकिन जिनकी जॉब जा चुकी थी उनमें ये आंकड़ा 22% रहा।

Gallup ने इसे स्टैटिस्टिकली सिग्निफिकेंट गैप माना। यह पैटर्न तब भी बरकरार रहा जब एजेंसी ने उम्र, पढ़ाई, इंडस्ट्री और ले-ऑफ के बाद बीता समय जैसी चीजों को भी गिना।

“AI का इस्तेमाल नहीं करने वाले वर्कर्स जॉब मार्केट में ज्यादा वल्नरेबल नजर आए,” Gallup ने कहा।

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AI ले-ऑफ किन सेक्टर्स में सबसे ज्यादा हुए

Technology वर्कर्स पहले से ही ज्यादा रिस्क फेस कर रहे हैं। ले-ऑफ हुए वर्कर्स में 13% की हिस्सेदारी तो इनकी थी, लेकिन मौजूदा कामकाजी वर्कफोर्स में इनका हिस्सा सिर्फ 6% था।

इसी ग्रुप के अंदर, जो लोग AI का महीने में एक बार से भी कम यूज कर रहे थे, उन्हें जॉब खोने का रिस्क तीन गुना ज्यादा था उन लोगों की तुलना में जो AI का महीने में कम से कम एक बार इस्तेमाल करते हैं। बड़ी वर्कफोर्स में भी यही ट्रेंड दिखा, लेकिन इफैक्ट थोड़ा कम था।

“इस फाइंडिंग से पता चलता है कि टेक्नॉलजी सेक्टर में, जो पहले ही ले-ऑफ के सबसे ज्यादा एक्सपोजर में है, वहां जिन वर्कर्स ने अपनी डेली वर्क में AI का रेगुलर इस्तेमाल नहीं किया, उनपर ले-ऑफ का रिस्क ज्यादा था। बाकी वर्कफोर्स में भी AI यूज से ले-ऑफ रिस्क कम दिखा, लेकिन यह ट्रेंड टेक सेक्टर में सबसे ज्यादा स्ट्रॉन्ग है,” सर्वे ने बताया।

AI वेव से दूर रहने वाले टेक वर्कर्स पर 3 गुना ज्यादा ले-ऑफ रिस्क
AI वेव से दूर रहने वाले टेक वर्कर्स पर 3 गुना ज्यादा ले-ऑफ रिस्क। स्रोत: Gallup

फिर भी, कुछ कर्मचारियों ने इस टेक्नोलॉजी को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया। केवल 1% ने AI को मुख्य कारण बताया, जबकि 2026 की शुरुआत में 21% कर्मचारियों ने कहा कि उनके नियोक्ता ने स्टाफ में कटौती की थी।

Gallup ने AI के इस्तेमाल को एक इंडिकेटर बताया कि वर्कफोर्स बदलाव के लिए कितनी तैयार है। आने वाले क्वार्टर्स में पता चलेगा कि जो लोग AI का यूज़ नहीं करते वे और भी ज्यादा मुश्किल दौर का सामना करेंगे या नहीं।

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